आम चुनाव 2009 किसानों का मुद्दा गायब
आम चुनाव की रणभेरी बज गई है। सभी दल विभिन्न मोर्चों मे संगठित हो रहे हैं। पुराने गठबंधन राजग, संप्रग और अब तीसरा मोर्चा एक बार फिर सामने आ गया है। इन सभी के अपने अपने एजेंण्डे हैं किन्तु किसान किसी का मुद्दा नजर नहीं आ रहा है। जाति धर्म के आधार पर वोटों को बटोरने की रणनीतियां बन रही हैं किसान को आधार बना कर कोई भी दल सामने आने को तैयार नहीं है। किसानों के नाम पर राजनीति करते रहे दल भी किसी न किसी गठबंधन में शामिल होकर अपनी कुछ सीटें पक्की कर नेताओं की सांसदी पक्की कराने में लगे हैं। क्या ये दल जाति. धर्म, क्षेत्र की राजनीति से हटकर ग्रामीण जनता की ओर मुखतिब होंगे।
सर्वेश कुमार सिंह
लखनऊ
Tuesday, March 17, 2009
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