Tuesday, March 10, 2009

इरना इण्डिया ( IRNA INDIA)

इरना इण्डिया ब्लाग ( IRNA INDIA BLOG)
इण्डियन रूरल न्यूज एजेंसी (आईआरएनए) का यह ब्लाग इसके उद्देश्यों में विश्वास और समानता रखने वाले ऐसे शुभचिंतकों को एकजुट करने का प्रयास है जोकि ग्रामीण भारत की वास्तविक तस्वीर को बचाये और बनाये रखने के लिए कृतसंकल्प हैं। यह ब्लाग उन सभी किसानों, कृषि और ग्राम जीवन से जुडे व्यक्तियों को मंच प्रदान करेगा जोकि इस पवित्र उद्देश्य के लिए कार्यरत हैं।
सर्वेश कुमार सिंह
ब्लाग संचालक

4 comments:

  1. क्यों नहीं हो रही किसानों की दुश्वारियों की चर्चा
    आम चुनाव 2009 का माहौल तेजी से गर्म हो रहा है। राजनैतिक दल लोक सभा क्षेत्रों में धर्म और जातीय आधार पर जनसंख्या का आंकलन करके टिकट बांटने के बाद अब प्रचार में जुटे हैं। किन्तु इन दलों को चिंता है तो सिर्फ इस बात की जातीय समीकरणों के आधार पर प्रत्याशी जीत जाएं। पूरे चुनावी परिदृश्य से किसानों की दुश्वारियों की चर्चा और मुद्दे गायब हैं। किसान लगातार छला जाता रहा है। कृषि लागत और मूल्य के निर्धारण से लेकर समर्थन मूल्य की घोषणा तक। आखिर ये नेता क्यों नहीं इन बातों को मुद्दा बना रहे हैं।
    सर्वेश कुमार सिंह

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  2. भाजपा के दृष्टिकोण से किसानों का भला होगा
    भारतीय जनता पार्टी ने 3 अप्रैल को जारी अपने चुनावी घोषणा पत्र में किसानों के कई महत्वपूर्ण वादे कर दिये हैं। अभी तक ऐसा लग रहा था कि पार्टियां किसानों के मदुदों को चुनाव से दूर ही रखना चाहती हैं। किन्तु देश की दूसरी सबसे बड़ी पार्टी भाजपा ने किसानों से जो वादे किये हैं, वे वास्तव में उनकी अपेक्षाओं के प्रतिबिम्ब ही हैं। किसानों की सबसे बड़ी समस्या कर्ज है। बैंकों की महंगी ब्याज दर और साहूकारों के कर्ज से किसान पूरी तरह तबाह हैं। यहां तक कि उन्हें प्रताणना से आत्महत्या तक करना पड़ जाता है। ऐसे में यह बहुत जरुरी है कि उन्हें सस्ती दर पर कर्ज मिले। इसकी घोषणा भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में कर दी है। पार्टी ने कहा है कि वह सत्ता में आयी तो किसानों को 4 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर पर कर्ज मिलेगा। इससे किसानों को बैंकों के बेतहाशा कर्ज बढ़ने के मर्ज से छुटकारा मिलेगा वहीं किसान महाजनों के चंगुल से भी बाहर आ सकेंगे। इतना ही नहीं पार्टी ने बजुर्ग और बेसहारा किसानों के लिए पेंशन की भी घोषणा की है। ये दोनों वादे स्वागत योग्य हैं।
    सर्वेश कुमार सिंह

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  3. बिलम्ब के साथ फिर ब्लाग लेखन
    मैं काफी लम्बे बिलम्ब के साथ फिर से अपने ब्लाग पर लेखन शुरु कर रहा हूं। इस ब्लाग पर कोशिश की गई थी कि लोकसभा चुनाव 2009 में ग्रामीण भारत से जुडें मुद्दों पर चर्चा की जाए।उन मुद्दों को चुनाव के दौरान जीवन्त बनाये रखने का प्रयास किया जाए। लेकिन बीच में यह प्रयास बाधित हुआ। अब फिर से आपके बीच हाजिर हूं। मेरी अपेक्षा है कि गावं,कृषि और ग्रामीण उद्योग धन्धों से जुड़े लोग भागीदारी करें। हालाकिं यह बड़ा ही मुश्किल काल हैक्योंकि इंटरनेट की पहुंच अभी इस वर्ग अत्यधिक कम है फिर भी जो लोग यहां तक पहुंच रखते हैं वे भागीदारी अवश्य करें।
    सर्वेश कुमार सिंह

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  4. good to see you over here uncle...your topic is really impressive and supportive to increase the condition of our country as well as villegers...bt sorry to say that you r not regular to your blog...please do continue to write here and update it regularly as you hav written bfore.. bt you didnt do that uncle...
    wishing good luck to IRNA...

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